भारत विकास परिषद के कार्यक्रम में भी लगी, इंदौर पुलिस की साइबर पाठशाला 

 

अपनी वर्चुअल लाइफ को चाहते हो सिक्योर रखना हो तो डिजिटल काम में अवेयरनेस के साथ सावधानी को कभी नही इग्नोर करना।

इंदौर- वर्तमान में बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिये, इसके प्रति लोगों में जनजागरूकता लाने हेतु,  पुलिस कमिश्नर इंदौर के मार्गदर्शन में इंदौर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा साइबर जागरूकता हेतु लगातार विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

इसी कड़ी में आज दिनांक को अति. पुलिस उपायुक्त क्राइम इंदौर  राजेश दंडोतिया ने टीम के साथ भारत विकास परिषद इंदौर के दायित्व ग्रहण समारोह में पहुंचकर, साइबर अवेयरनेस की  कार्यशाला में वहां उपस्थित करीब 120  सदस्यों को विभिन्न प्रकार के साइबर फ्रॉड, फाइनेंशियल फ्रॉड और सोशल मीडिया से संबंधित अपराधों की जानकारी दी और साइबर अपराध होने पर साइबर हेल्पलाइन-1930, पोर्टल www.cybercrime.gov.in, या इंदौर पुलिस की साइबर हेल्पलाइन 7049124445 आदि पर किस प्रकार शिकायत करें तथा पुलिस इन पर किस प्रकार कार्यवाही करती है और साइबर अपराधों से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखें आदि के संबंध में, व्यवहारिक ज्ञान देते हुए उन्होंने सभी से कहा कि हम लोग आजकल ज्यादा से ज्यादा काम डिजिटल रूप में ऑनलाइन कर रहे हैं, बैंकिंग, पढ़ाई, सोशल मीडिया आदि, जिसमें जरा सी गलती होने पर साइबर फ्रॉड होने की संभावना रहती है।

अपनी रियल लाइफ के साथ ही वर्चुअल लाइफ को भी सुरक्षित रखना चाहते हो तो हमेशा सतर्क व जागरूक रहें और   छोटी से छोटी सावधानी को कभी  इग्नोर न करें।अतः साइबर अपराधों से बचना है तो, जागरूक और सतर्क रहकर पूरी सावधानी के साथ ऑनलाइन, फाइनेंशियल कार्य, डिजिटल कार्य करें और अपनी निजी जानकारी किसी से भी शेयर नहीं करें इस दौरान पुलिस टीम ने वहां उपस्थित सभी लोगों को साइबर अवेयरनेस के पम्पलेट्स व स्टिकर्स भी दिए और सभी को साइबर जागरूकता लाने में सहयोग करने के लिए प्रेरित किया।